सुरमई साँझ आई हैसुमधुर झंकार सीउजालों को लीलनेरात खड़ी तैयार सीरवि किरणों के स्पर्श सेकुमुदिनी खिल जाएगीजीवन को ऊर्जान्वित पा करप्रकृति मुस्कुराएगी ।मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित
सुरमई साँझ आई हैसुमधुर झंकार सीउजालों को लीलनेरात खड़ी तैयार सी
रवि किरणों के स्पर्श सेकुमुदिनी खिल जाएगीजीवन को ऊर्जान्वित पा करप्रकृति मुस्कुराएगी ।
मं शर्मा (रज़ा)#स्वरचित