तुम बन जानाफूल कोमल सामैं कठोर शूलबन जाऊँगातुम खिलनासुगंध बन महकनामैं रक्षक बन तुम्हाराआपदा से बचाऊँगा।मं शर्मा( रज़ा)
तुम बन जानाफूल कोमल सामैं कठोर शूलबन जाऊँगा
तुम खिलनासुगंध बन महकनामैं रक्षक बन तुम्हाराआपदा से बचाऊँगा।
मं शर्मा( रज़ा)