Poetry 1 min read 623.8K reads

कोमल फूल


तुम बन जानाफूल कोमल सामैं कठोर शूलबन जाऊँगा

तुम खिलनासुगंध बन महकनामैं रक्षक बन तुम्हाराआपदा से बचाऊँगा।

मं शर्मा( रज़ा)

Read more Earn more Learn more