प्रतीक्षा में दिन बीतेनींद खोजती रातेंयादों की किरचन सेघायल रही बिसातें।मं शर्मा (रज़ा)
प्रतीक्षा में दिन बीतेनींद खोजती रातेंयादों की किरचन सेघायल रही बिसातें।
मं शर्मा (रज़ा)