कहाँ गए वो सघन वन
कहाँ गई वो हरियाली
मानव ने अपने स्वार्थवश
धरती बंजर कर डाली
पेड़ हो गए पर्णविहीन
धरती परती कर डाली
कहाँ गए वन संरक्षक
कैसी बदहाली बरपा ली।
कब चेतेंगे भौतिकता वादी
कब लौटेगी खुशहाली
स्वच्छ वायु और जल पाकर
कब चहकेगी डाली डाली।
मं शर्मा( रज़ा)

