Poetry 1 min read 620.3K reads

खिज़ां


फूलों का मौसम कहींखिजां को तरसे हैंखुशियों की शहनाई कहींआँसुओं के चश्मे हैंकमाल तेरी दुनिया केअनोखे करिश्मे हैं।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more