फूलों का मौसम कहींखिजां को तरसे हैंखुशियों की शहनाई कहींआँसुओं के चश्मे हैंकमाल तेरी दुनिया केअनोखे करिश्मे हैं।मं शर्मा (रज़ा)
फूलों का मौसम कहींखिजां को तरसे हैंखुशियों की शहनाई कहींआँसुओं के चश्मे हैंकमाल तेरी दुनिया केअनोखे करिश्मे हैं।
मं शर्मा (रज़ा)