सही कर देता हैवो मेरीहर एक खता कोकब सही हूँकब गलत हूँमुझे खबर नहीं होती।मं शर्मा (रज़ा)
सही कर देता हैवो मेरीहर एक खता को
कब सही हूँकब गलत हूँमुझे खबर नहीं होती।
मं शर्मा (रज़ा)