दूर से देखते हैं उनको
हाथों में तोहफे लिए
कभी तो बर्फ पिघलेगी
बह जाएंगे शिकवे गिले
देखते नहीं कभी इधर
फिर भी मेरी खबर तो है
लबों पर बात नहीं लाते
दिल में खलिश सी तो है ।
मं शर्मा (रज़ा)


दूर से देखते हैं उनको
हाथों में तोहफे लिए
कभी तो बर्फ पिघलेगी
बह जाएंगे शिकवे गिले
देखते नहीं कभी इधर
फिर भी मेरी खबर तो है
लबों पर बात नहीं लाते
दिल में खलिश सी तो है ।
मं शर्मा (रज़ा)