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केसर


केसर की क्यारियों सेमहकती सी वादियांडल झील में तैरतेझूमते से शिकारे

हर आने जाने वाले कोअपनी ओर पुकारेकौन छोड़ के जाएहसीं जन्नत से नज़ारे ।

मं शर्मा( रज़ा)

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