कभी आह ने

कभी चाह ने

कभी मर्ज़ ने

कभी दर्द ने

कविता रची

अंतर्भाव ने


कभी शब्द ने

कभी निशब्द ने

कभी आस ने

कभी अहसास ने

कविता रची

भाव ने


कभी अश्क ने

कभी रक्स ने

कभी फूल ने

कभी शूल ने

कविता रची

स्वभाव ने।


मं शर्मा (रज़ा)