समय का है खेल सारा

वो सबसे बड़ा मदारी है

कदम मिलाकर चलना

बस तेरी जिम्मेदारी है


अपनी अँगुली पे नचाना

समय की कलाकारी है

कठपुतलियाँ हैं हम केवल

उसके हाथ सबकी डोरी है।


मं शर्मा (रज़ा)