दीपों की जल उठीं कतारेंजगमग जगमग चहुँदिशाएँरोशनी ने अंधेरे को हराया हैदीपावली का पर्व आया हैबुराई से अच्छाई जीत गई हैमिष्ठानों की भरमार हुई हैसच से झूठ हार गया हैदीपावली का पर्व आया है।मं शर्मा( रज़ा)
दीपों की जल उठीं कतारेंजगमग जगमग चहुँदिशाएँरोशनी ने अंधेरे को हराया हैदीपावली का पर्व आया है
बुराई से अच्छाई जीत गई हैमिष्ठानों की भरमार हुई हैसच से झूठ हार गया हैदीपावली का पर्व आया है।
मं शर्मा( रज़ा)