कश्ती's image
Share0 Bookmarks 63563 Reads0 Likes

मंझधार में नैया है

पतवार चला रहा हूँ

डूबने के खौफ में

डूबता जा रहा हूँ


खैरात की जिंदगी का

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts