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काला वर्ण


वर्ण काला हो जाए चाहेकर्म तो अच्छे कररात कितनी भी स्याह होस्वपन तो अच्छे गढ़

धर ले काला भेष चाहेकरतूत को उजली करतन कौआ हो जाए चाहेवाणी को कोयल कर।

मं शर्मा (रज़ा)

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