बाँध ले जुल्फों कोअभी घाम रहने देबाकी हैं दो पहरअभी साँझ रहने दे ।मं शर्मा( रज़ा)
बाँध ले जुल्फों कोअभी घाम रहने देबाकी हैं दो पहरअभी साँझ रहने दे ।
मं शर्मा( रज़ा)