हर बात पे मसले होते हैंहर मसले पे जिरह होती हैनतीजा निकले न निकलेमसरूफियत बनी रहती है।मं शर्मा(रज़ा)
हर बात पे मसले होते हैंहर मसले पे जिरह होती हैनतीजा निकले न निकलेमसरूफियत बनी रहती है।
मं शर्मा(रज़ा)