वाणी में मधुरता जरूरी हैभावों में शुचिता जरूरी हैसंबंधों में निकटता बनी रहेवैचारिक संतुलन जरूरी हैशब्दों का उचित चयन करोवाणी की कटुता से बचा करोसंबंधों का जायका न बिगड़ेबातों को संभलके परोसा करो ।मं शर्मा (रज़ा)
वाणी में मधुरता जरूरी हैभावों में शुचिता जरूरी हैसंबंधों में निकटता बनी रहेवैचारिक संतुलन जरूरी है
शब्दों का उचित चयन करोवाणी की कटुता से बचा करोसंबंधों का जायका न बिगड़ेबातों को संभलके परोसा करो ।
मं शर्मा (रज़ा)