मोह के बंधन थेआस की डोर थीबीच में जटिल सीसंबंधों की गाँठ थीजीवन के वृक्ष तलेदुखों की छाँव थींसमय की लहरों में डूबीखुशियों की नाव थीं।मं शर्मा (रज़ा)
मोह के बंधन थेआस की डोर थीबीच में जटिल सीसंबंधों की गाँठ थी
जीवन के वृक्ष तलेदुखों की छाँव थींसमय की लहरों में डूबीखुशियों की नाव थीं।
मं शर्मा (रज़ा)