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जागी रैन


अलसाये नैनों वालीजागी जागी सी रैन हूँख्वाहिशों के मेले मेंखोया हुआ सुख चैन हूँ

मूक शब्दों के संवाद सामौन का आयोजन हूँदुविधाओं में गोते खाताएक जीवन बेचैन हूँ।

मं शर्मा (रज़ा)

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