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होली में


रंग बरसा कितना होली मेंदिल बहके कितने होली मेंमिट गए द्वेष सभी होली मेंखूब महका है टेसू होली मेंतुम कहो क्या तुमने बनायाकोई मीत अबकी होली में।

मं शर्मा (रज़ा)

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