हमराही नहीं कोईराह तो हैभीड़ से इतरमेरी पहचान तो हैमैं एक हूँमाना अकेला हूँभीड़ की भेड़ नहींइंसान तो हूँ ।मं शर्मा(रज़ा)
हमराही नहीं कोईराह तो हैभीड़ से इतरमेरी पहचान तो है
मैं एक हूँमाना अकेला हूँभीड़ की भेड़ नहींइंसान तो हूँ ।
मं शर्मा(रज़ा)