हमराह कोई मिलता गयाहर राह खूबसूरत होती गईकुछ उसकी सुनने में गुजार दीकुछ अपनी कहने में कट गई।मं शर्मा( रज़ा)
हमराह कोई मिलता गयाहर राह खूबसूरत होती गईकुछ उसकी सुनने में गुजार दीकुछ अपनी कहने में कट गई।
मं शर्मा( रज़ा)