ना मन में कोई राग द्वेषना कोई इच्छाएँ विशेषना जीवन में कोई क्लेषसब भाई चारे से रहते हैंहम हँसते और हँसाते हैंसबको खुशियाँ बाँटते हैंमाना अभी हम बच्चे हैंपर दिल के सच्चे हैं।मं शर्मा (रज़ा)
ना मन में कोई राग द्वेषना कोई इच्छाएँ विशेषना जीवन में कोई क्लेषसब भाई चारे से रहते हैं
हम हँसते और हँसाते हैंसबको खुशियाँ बाँटते हैंमाना अभी हम बच्चे हैंपर दिल के सच्चे हैं।
मं शर्मा (रज़ा)