दीवारें क्यों खिंच गईं दरम्यांसुझाई नहीं देताघर में एक आँगन था कभीदिखाई नहीं देतायहाँ कोई रहता भी है अभीसुनाई नहीं देताभूले बिसरे उन दिनों की कोईदुहाई नहीं देता ।मं शर्मा (रज़ा)
दीवारें क्यों खिंच गईं दरम्यांसुझाई नहीं देताघर में एक आँगन था कभीदिखाई नहीं देता
यहाँ कोई रहता भी है अभीसुनाई नहीं देताभूले बिसरे उन दिनों की कोईदुहाई नहीं देता ।
मं शर्मा (रज़ा)