गरीबी एक बेबसी सहीपर जीवन की लाचारी हैबीमारी न कहो इसकोये अनदेखी की मारी हैअमीरी की अति में हीगरीबी की क्षति सारी हैआओ सामंजस्य बिठाएं हमहीपहल करने की हमारी बारी है।मं शर्मा (रज़ा)
गरीबी एक बेबसी सहीपर जीवन की लाचारी हैबीमारी न कहो इसकोये अनदेखी की मारी है
अमीरी की अति में हीगरीबी की क्षति सारी हैआओ सामंजस्य बिठाएं हमहीपहल करने की हमारी बारी है।
मं शर्मा (रज़ा)