गगन न माने कोई बंधनस्वतंत्र जीने को आजाद हैधरा बंधी है स्वधर्मों सेयही जीवन का आधार है ।मं शर्मा (रज़ा)
गगन न माने कोई बंधनस्वतंत्र जीने को आजाद हैधरा बंधी है स्वधर्मों सेयही जीवन का आधार है ।
मं शर्मा (रज़ा)