गलती का अहसास होने मेंअपनों का खास होने मेंख्वाबों को साकार होने मेंसत्य से एकाकार होने मेंजीवन धुआँ हो जाता हैसुबह से साँझ होने में ।मं शर्मा (रज़ा)
गलती का अहसास होने मेंअपनों का खास होने मेंख्वाबों को साकार होने मेंसत्य से एकाकार होने मेंजीवन धुआँ हो जाता हैसुबह से साँझ होने में ।
मं शर्मा (रज़ा)