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एक पल


एक पल हंसनाएक पल रोनाएक पल पानाएक पल खोना

एक पल जीनाएक पल मरनाइंसान है उसकेहाथों का खिलौना

क्यों कुछ कहनाक्यों कुछ सुननाअपने कंधों परखुद को है ढोना।

मं शर्मा (रज़ा)

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