Poetry 1 min read 593K reads

एक दिल


हज़ार ख्वाहिशेंहज़ारों स्वपनहज़ार लानतेंहज़ारों ग़म

एक मैं हूँएक मेरा दिलतन्हा सफर कीतन्हा मंजिल ।

मं शर्मा (रज़ा)

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