न मेरे जैसे तुम लगे थेन तेरे जैसे लोग मिले थेजमाने भर की दुश्वारियों केकदम कदम मेले लगे थेकुछ तो बात रही होगीरिश्ते में धार रही होगीयूँ ही नहीं इतनी दूर तकसंबंधों के रथ चले होंगे।मं शर्मा (रज़ा)
न मेरे जैसे तुम लगे थेन तेरे जैसे लोग मिले थेजमाने भर की दुश्वारियों केकदम कदम मेले लगे थे
कुछ तो बात रही होगीरिश्ते में धार रही होगीयूँ ही नहीं इतनी दूर तकसंबंधों के रथ चले होंगे।
मं शर्मा (रज़ा)