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दुष्कर


संभावनाएं हैंप्रयास तो करपरिस्थितियाँ हैंदुष्कर थोड़ी हैं

स्वीकृतियाँ हैंलक्ष्य कीसाधा करअसाध्य थोड़ी है

स्मृतियाँ हैंविस्मृत करपरछाईयाँ हैंशाश्वत थोड़ी हैं।

मं शर्मा (रज़ा)

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