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दीमक


जर्जर भवनों कीदरकती दीवारों सेसंस्कारों का अमृतरिसने लगा है

जिस विश्वास नेमानवता की नींव रखीआधुनिकता का दीमकउसे लगने लगा है।

मं शर्मा( रज़ा)

#स्वरचित

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