साज़ में आवाज़ में
गीत में संगीत में
ध्वनि का सुर मिले
हर उन्नत विचार में
पक्षियों की चहक में
फूलों की महक में
ध्वनि का रंग मिले
प्रकृति के व्यवहार में
नदिया के धार में
सरगम के तार में
ध्वनि की धार दिखे
अंतस की पुकार में।
मं शर्मा (रज़ा)
साज़ में आवाज़ में
गीत में संगीत में
ध्वनि का सुर मिले
हर उन्नत विचार में
पक्षियों की चहक में
फूलों की महक में
ध्वनि का रंग मिले
प्रकृति के व्यवहार में
नदिया के धार में
सरगम के तार में
ध्वनि की धार दिखे
अंतस की पुकार में।
मं शर्मा (रज़ा)