ख्याल मेरा होख्वाब भी मेरे होंभरोसा अधूरा न होपूरा हो जाने देयकीं के धरातल परबनाएंगे आशियांनींव कच्ची है प्यार कीअभी पक जाने दे ।मं शर्मा (रज़ा)
ख्याल मेरा होख्वाब भी मेरे होंभरोसा अधूरा न होपूरा हो जाने दे
यकीं के धरातल परबनाएंगे आशियांनींव कच्ची है प्यार कीअभी पक जाने दे ।
मं शर्मा (रज़ा)