मेरे छोटे से घर के कमरे मेंकिताबों का संसार बसता हैघर में केवल मैं नहीं रहताकिरदारों का मेला सजता हैमैं गर खामोश भी हो जाऊँशब्दों का धाराप्रवाह बोलता है।मं शर्मा (रज़ा)
मेरे छोटे से घर के कमरे मेंकिताबों का संसार बसता हैघर में केवल मैं नहीं रहताकिरदारों का मेला सजता हैमैं गर खामोश भी हो जाऊँशब्दों का धाराप्रवाह बोलता है।
मं शर्मा (रज़ा)