ढाँचा हूँ पुरानी इमारत कादर-ओ दीवार ये कहती हैजिस्म फना हो जाएँ चाहेरूह तो जिंदा रहती है।मं शर्मा (रज़ा)
ढाँचा हूँ पुरानी इमारत कादर-ओ दीवार ये कहती हैजिस्म फना हो जाएँ चाहेरूह तो जिंदा रहती है।
मं शर्मा (रज़ा)