जो दिल में थीदिल की बात थीआम नहीं वोबात खास थीखुल गई तोहर जुबां पे थीबात दो दिलों कीअब दास्तान थी।मं शर्मा( रज़ा)
जो दिल में थीदिल की बात थीआम नहीं वोबात खास थी
खुल गई तोहर जुबां पे थीबात दो दिलों कीअब दास्तान थी।
मं शर्मा( रज़ा)