Poetry 1 min read 615.6K reads

दारोमदार


कुछ कहानियों के अंत नहीं होतेनए किरदार आकर जुड़ जाते हैंमैं ऐसी ही अंतहीन कहानी काबाद में जुड़ा एक किरदार हूँकल रहूँ न रहूँ मैं नहीं जानताआज कहानी का दारोमदार हूँ।

मं शर्मा( रज़ा)

Read more Earn more Learn more