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दरिद्रता


मित्र हो तो कान्हा जैसेमित्रता सुदामा संग निभाईनंगे पाँव मिलने को भागेअति भावुक हो गए कन्हाईमित्र का संशय पल में भांपेहर ली मित्र की दरिद्रताई।

मं शर्मा (रज़ा)

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