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दर्द और दवा


दर्द मैं, दवा कोई और क्यों हैमैं हूँ फिर कोई और क्यों हैतुम से मिल कर मैंने जानामेरा दर्द भी तू दवा भी तू है।

मं शर्मा (रज़ा)

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