मुरझा गए एक बार कभी जोफूलों का खिलना मुश्किल हैजीवन खेल नहीं है जुए कामौत से दाँव लगाना मुश्किल है।मं शर्मा (रज़ा)
मुरझा गए एक बार कभी जोफूलों का खिलना मुश्किल हैजीवन खेल नहीं है जुए कामौत से दाँव लगाना मुश्किल है।
मं शर्मा (रज़ा)