Poetry 1 min read 494.4K reads

चुगली


मोहब्बत थीथोड़ी नहींबेहद थी

दरमियांकोई दीवारकोई सरहद न थी

फासले क्यों हुएनामालूमवक्त ने शायद चुगली की थी।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more