कर्म करनिस्वार्थ करफल कीकामना न करसंतोष करधीरज धरमैं हूँ नाचिंता न कर ।मं शर्मा (रज़ा)
कर्म करनिस्वार्थ करफल कीकामना न कर
संतोष करधीरज धरमैं हूँ नाचिंता न कर ।
मं शर्मा (रज़ा)