बूँद बूँद विचार सेसागर भर अमृत बनाबड़े बड़े कलश लिएखोखले लोग आ गए।मं शर्मा (रज़ा)
बूँद बूँद विचार सेसागर भर अमृत बनाबड़े बड़े कलश लिएखोखले लोग आ गए।
मं शर्मा (रज़ा)