सूरज को लीलती जाएसिंदूरी साँझ बीती जाएभटकी नावें घर लौटआएंलहरें कहें चल ठहर जाएंनदी किनारे जन्नत बसाएं।मं शर्मा (रज़ा)
सूरज को लीलती जाएसिंदूरी साँझ बीती जाएभटकी नावें घर लौटआएंलहरें कहें चल ठहर जाएंनदी किनारे जन्नत बसाएं।
मं शर्मा (रज़ा)