नई नवेली कोपल परये चमचमाती हुई बूँददमकती हुई बिंदिया होजैसे तेरे रूखसार की।मं शर्मा (रज़ा)
नई नवेली कोपल परये चमचमाती हुई बूँददमकती हुई बिंदिया होजैसे तेरे रूखसार की।
मं शर्मा (रज़ा)