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बिन तुम्हारे


सावन सूनाआँगन सूनाबिन तुम्हारेजीवन सूना

राह अधूरीचाह अधूरीबिन तुम्हारेथाह अधूरी

बरसों बीतेचैना छिनतेबिन तुम्हारेनैना रीते

बंधन टूटेस्वजन रूठेबिन तुम्हारेप्राण न छूटे।

मं शर्मा(रज़ा)

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