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भूल जा


भुला कर सबकोअजनबी बन जासुकून से काटनी हैतो मतलबी हो जा

जान कर अंजान बनकह कर मुकर जाजीत का इरादा रखपछतावे को भूल जा।

मं शर्मा (रज़ा)

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