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बेताबियाँ


सीने में दिल हैदिल में धड़कनधड़कनों में अजबबेताबियाँ हैं

ना मैं जानता हूँना दिल को पता हैक्यों कर हुईंये खराबियाँ हैं।

मं शर्मा (रज़ा)

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