Poetry 1 min read 627K reads

बेसबब


हँस के कहा कभीहँसी में टाल दियाकभी मान लियाकभी मनवा लियाबेसबब रूठ करक्या हासिल हुआ

कभी झुक गयाकभी समझा दियाकुछ आज जीयाकुछ कल जी लियासफर जिंदगी काकुछ यूँ तय किया।

मं शर्मा (रज़ा)

Read more Earn more Learn more