बारिशों से कह दोना भीगें इतनामौसम का मिजाज़ठीक नहींबूँद बन के इतनाना बिखरा करेंबिखर बिखर केकुछ बनता नहीं है ।मं शर्मा( रज़ा)
बारिशों से कह दोना भीगें इतनामौसम का मिजाज़ठीक नहीं
बूँद बन के इतनाना बिखरा करेंबिखर बिखर केकुछ बनता नहीं है ।
मं शर्मा( रज़ा)